काँखी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]काँखी पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ काढ्क्षिन्] दे॰ कांक्षी' । उ॰—शुक्र भागवत प्रकट करि गायो कछू न दुबिधा राखी । सूरदास ब्रजनारि संग हरि माँगी करहिं नहीं कोउ काँखी ।—सूर (शब्द॰) ।