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काँचरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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काँचरी पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ काँचरी] दे॰ ' कचारी' । उ॰ — तजौ दह जिमि काँचरी साँपा । — कबीर सा॰ , पृ ८५ ।

काँचरी पु संज्ञा स्त्री ॰ [सं कञ्चुलिका, हिं॰ काँचली] दे॰ ' काँचली' । उ॰ — जौ लगि पौल चलै जग में सिय जीवित है बिनु राम सँघाती । तौ लगि देह को यों तजु रे जैसे पन्नगी काँचरी को तजि जाती । — हनुमान (शब्द॰) ।