काँट
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]काँट ^१ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कण्ट, हिं॰ काँटा ] दे॰ 'काँटा' । उ॰ — भवँर भटैया जाहु जनि काँट बहुत रस थोर । आस न पूजै बासरा तासों प्रीति न जोर । — गिरधर (शब्द॰) ।
काँट पु ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हि॰ काट] जंग । मोरचा । उ॰ — दरिया सोना सोल्हवाँ काँट न लागै कोय । — दरिया॰ बानी, पृ ॰ २५ ।