सामग्री पर जाएँ

काँड़ना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

काँड़ना पु क्रि ॰ स॰ [सं॰ कण्डन ( - √कडि = रौदना , भूसी अलग करना ) ]

१. रौंदना । कुचलना ।

२. धान को कूट कर चावल और भूसी अलग करना । कूटना । उ॰ उदधि अपार उतरतहू न लागी बार केसरी सो अडंड ऐसो डाँडिगो । बाटिका उजारि अक्ष रक्षकनि मारि भट भारी भारी रावरे के चाउर से काँडि़गो । — तुलसी ग्रं॰, पृ॰ १८८ ।

३. लात लगाना । खूब पीटना । मारना ।