काँडी़
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]काँडी़ ^१ संज्ञा स्त्री॰ [से॰ काण्डनी अथवा हिं॰ काँड़ना ]
१. ओखली का वह गड्ढा जिसमें धान आदि डालकर मूसल से कूटते हैं ।
२. भूमि में गडा़ हुआ लकडी या पत्थर का तुकडा जिसमें धान कूटने के लिये गड्ढा बना रहता हैं ।
३. हाथी का एक रोग जिसमें उसके पैर के तलवे में गहरा घाव हो जाता है और उसको चलने फिरने में बडा कष्ट होता है । घाव में छोटे छोटे कीडे़ भी रहते हैं ।