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काँप

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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काँप संज्ञा स्त्रि॰ [सं॰ कम्पा]

१. बाँस या किसी और चीज की पतली लचीली तीली जो झुकाने से झुक जाय ।

२. पतंग या कनकौवे की वह पतली तीली जो धनुष की तरह झुकाकर लगाई जाती है ।

३. सुअर का खाँग ।

४. हाथी की दाँत ।

५. कान में पहनने का सोने का गहना । विशेष — यह पते के आकार का होता और पहनने पर हीला करता है । स्त्रियाँ इसे पाँच पाँचया सात सात करके कान की बाली में पहनती हैं । यह जडा़ऊ भी होता है ।

६. करनफूल ।

७. कलई का चूना ।