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काँवर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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काँवर संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ काँध + आवर (प्रत्य॰) अथवा सं॰ स्मन्धभार ]

१. बांस का एक मोटा कट्टा जिसके दोनों छोरों पर वस्तु लादने के लिये छिंके लगे रहते हैं और जिससे कंधे पर रखकर कहार आदि चलते हैं । बहँगी । मुहा॰ — काँवर बहना = (१) भार या उतरदायित्व का निर्वाह करना । (२) बोझा ढोना ।

२. एक डंडे को छोर पर बँधी हुई बाँस की टोकरीयाँ जिसमें यात्री गंगाजल ले जाते हैं ।