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काकगोलक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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काकगोलक संज्ञा पुं॰ [सं॰] कौए की आँख की पुतली । उ॰— उनकौ हितु उनहीं बनै कोऊ करौ अनेकु । फिरतु काकुगोलक भयौ दुहूँ देह ज्यौं एकु ।—बिहारी (शब्द॰) । विशेष—प्रसिद्ध है कि कौए की आँखे तो दो होती हैं, पर पुतली एक ही होती है और वह जब जिस आँख से देखना चहुता है, तब वह पुतली उसी आँख में चली जाती है ।