काछनी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]काछनी सज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ काछना] कसकर और कुछ ऊपर चढाकर पहनी हुई धोती जिसकी दोनों लाँगें पीछे खोंसी जाती हैं । कछनी । उ॰—(क) काछनी कटि पीत पट दुति कमल केसर कंड ।—सूर (शब्द॰) । (ख) सीस मुकुट कटि काछनी, कर मुरली उर माल ।—बिहारी (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—कसना ।—काछना ।—मारना ।
२. घाँघरे की तरह का एक चुनावदार पहनावा जो आधे जंघे तक होता है और प्राय: जाँघिए के उपर पहना जाता है । आजकल मूर्तियों के श्रृंगार और रामलीला आदि में इस पहनावे का व्यवहार होता है ।