कामज्वर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कामज्वर संज्ञा पुं॰ [सं॰] वैधक के अनुसार एक प्रकार का ज्वर जो स्त्रियों और पुरुषों को अखंड ब्रह्माचार्य पालन करने से हो जाता है । विशेष—इसमें भोजन से अरुचि और हृदय में दाह होता है नींद, लज्जा, बुद्धि और धैर्य का नाश हो जाता है, पुरषों के हृदय में पीडा होती है औऱ स्त्रियों का अंग टूटता है, नेत्र चंचल हो जाते हैं, मन में संभोग की इच्छा होती है । क्रोध उत्पन्न कर देने से इसका वेग शांत हो जाता है ।