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कायव्यूह

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कायव्यूह संज्ञा पुं॰ [सं॰] शरीर मे वात, पित्त, कफ, तथा त्वक्, रक्त, मांस, स्नायु, अस्थि, मज्जा औऱ शु्क्र के स्थान और विभाग आदि का क्रम (बैद्यक) ।

२. योगियों की अपने कर्मों के भोग के लिये चित्त में एक एक इंद्रिय और अंग की कल्पना की क्रिया ।