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कारपण्य

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कारपण्य पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कार्पण्य] दे॰ 'कार्पण्य' । उ॰ — द्रोह कोतवाल त्यौं अशान तहसीलवाल गर्व गढ़वाल रोग सेवक आपार हैं । भनै रघुराज कारपण्य पण्य चौधरी है जग के विकार जेते सबै सरदार हैं । — रघुराज (शब्द) ।