कार्यसम
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कार्यसम संज्ञा पुं॰ [सं॰] न्याय में २४ जातियों में से एक । विशेष—इसमें प्रतिवादी वादी के इस कथन पर कि प्रयत्न से उत्पन्न कार्य अनित्य है, प्रयत्न द्वारा उत्पन्न कार्यों की अनेक- रूपता की दलील देता है जो वादी का पक्ष खंडन करने में असमर्थ होती है । जैसे नैयायिक कहता है कि प्रयत्न से उत्पन्न कार्य होने के कारण शब्द अनित्य है । इसपर प्रतिवादी या मीमांसक कहता है कि प्रयत्न से उत्पन्न कार्य अनेक प्रकार के होते है; जैसे कुआँ खोदने से जल निकलता हो; तो क्या जल कुआँ खोदने के पहले नहीं था? इसी को कार्यसम या कार्यविशेष कहते हैं । इसपर वादी कहता है किं व्यवधान के हटने से अभिव्यक्ति होती है, उत्पत्ति नहीं होती, शब्द की उत्पत्ति होती है, अभिव्यक्ति नहीं । अनुपलब्धि- कारण या व्यवाधान के दूर करने के प्रयत्न को कारणत्व नहीं होता ।