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कालबूत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कालबूत संज्ञा पुं॰ [फा॰ कालबुद्र] वह कच्चा भराव जिसपर मेहराब बनाई जाती है । छैना । उ॰—कालबूत दूती बिना जुरै न और उपाय । फिर ताके टारे बनै पाके प्रेम लदाय ।—बिहारी (शब्द॰) ।

२. चमारों का वह काठ का साँच जिसपर चढ़ाकर वे जूता सीते हैं ।

३. रस्सी बटने का एक औजार । विशेष—यह औजार काठ का एक कुंदा होता है जिसमें रस्सी की लड़ जाने के लिये कई छेद या दरार बने रहते हैं । इन्हीं दरारों में लड़ों को डालकर बटते हैं जिससे कोई लड़ मोटी या पतली न होने पाए, बल्कि दरार के अंदाज से एक सी रहे ।