कालातीत
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कालातीत ^१ वि॰ [सं॰] जिसका समय बीत गया हो ।
कालातीत ^२ संज्ञा पुं॰
१. न्याय के पाँच प्रकार के हेत्वाभासों में से एक जिसमें अर्थ एक देश काला के ध्वंस से युक्त हो और इस कारण हेतु असत् ठहरता हो । विशेष—जैसे किसी ने कहा कि शब्द नित्य हैं । संयोग द्वारा व्यक्त हेने से, जैसे अँधेरे में रखे घट के रूप की अभिव्यक्ति दीपक लाने से होती है, ऐसे ही डंके के शब्द की अभिव्यक्ति भी उसपर लकड़ी का संयोग होने से होती हैं; और जैसे संयोग के पहले घट का रूप विद्यमान था वैसे ही लकड़ी के संयोग के पहले शब्द विद्यमान था । इसपर प्रतिवादी कहता है कि तुम्हारा यह हेतु असत् है क्योंकि दीपक का संयोग जबतक रहता है तभी तक घट के रूप का ज्ञान होता है संयोग के उपरांत नहीं । पर संयोग निवृत होने पर संयोग काल के अतिक्रमण में भी शब्द का दूरस्थित मनुष्य को ज्ञान होता है अतः संयोग द्वारा अभिव्यक्ति को नित्यता का हेतु कहना हेतु नहीं है हेत्वाभास है ।
२. आधुनिक न्याय में एक प्रकार का बाध, जिसमें साध्य के आधार अर्थात् पक्ष में साध्य का अभाव निश्चित रहता है ।