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काव्याभरण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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काव्याभरण संज्ञा पुं॰ [सं॰] काव्यालंकार । काव्यसंबीधी गुण । उ॰—यह दर्शनशासित प्रेम गीति, अनुरूप कल्पना और नए काव्याभरण का योग पाकर युग की एक प्रतिनिधि कृति बन गई ।—नया॰, पृ॰ १५० ।