सामग्री पर जाएँ

किंकिर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

किंकिर संज्ञा पुं॰ [सं॰ किङ्कर]

१. हाथी का मस्तक ।

२. कोकिल ।

३. भौंरा ।

४. घोड़ा ।

५. कामदेव । उ॰—नंददास प्रेमी स्याम परसि पद पंकज कही, काल्हि तै जु काँमरि भरि किंकिर बुलावै ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३६० ।

६. लाल रंग ।