किञ्चिन्
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]किंचिन् पु अव्य॰ [सं॰ किन्चित्] थोड़ा । स॰—रान प्रलान प्रकाशिया बे, मिटिया संशय किंचित लौं जिन जानिया बै, तिन सहज पिछान्या सोह ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ २६ ।
किंचिन् पु अव्य॰ [सं॰ किन्चित्] थोड़ा । स॰—रान प्रलान प्रकाशिया बे, मिटिया संशय किंचित लौं जिन जानिया बै, तिन सहज पिछान्या सोह ।—राम॰ धर्म॰, पृ॰ २६ ।