कितहुँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कितहुँ सर्व॰ [सं॰ कुत्रापि अथवा हिं॰ कित + हुँ (प्रत्य॰)] कहीं भी । उ॰—चल्यौ गयौ तहँ विप्र क्षिप्रगति कितहुँ न अटक्यो ।—नंद॰, ग्रं॰, पृ॰ २०४ ।
कितहुँ सर्व॰ [सं॰ कुत्रापि अथवा हिं॰ कित + हुँ (प्रत्य॰)] कहीं भी । उ॰—चल्यौ गयौ तहँ विप्र क्षिप्रगति कितहुँ न अटक्यो ।—नंद॰, ग्रं॰, पृ॰ २०४ ।