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किरतन्त

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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किरतंत पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कृतान्त] कृतान्त । यमराज । उ॰—सत्त मंत को दिष्षयत, रज मय के दीसतं । तामश के पिष्षे प्रवल, क्रोध कलहु कितंत ।—पृ॰ रा॰ ६ । ५२ ।