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किरतब

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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किरतब पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कर्तव्य] काम । कर्म । कृतित्व । उ॰—बाँस बड़ा डेरा बज बिना बडेरा होय । सेषावत सिवसिंघ सो, किरतब बड़ो न होय ।—शिखर॰, पृ॰ ५२ ।