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किरवान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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किरवान पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कृपाण, प्रा॰ किवाण] दे॰ 'कृपाण' । उ॰—(क) खंड हनौ किरवान जब, परेउ भूमि चहुवान ।— प॰, रासो॰, पृ॰ ९४ । (ख) सत्ता को सपूत राव, सगर को सिंह सोहै जैलवार जगत करेरी किरवान की ।—मति॰ ग्रं॰, पृ॰ ३७७ ।