सामग्री पर जाएँ

किरोट

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

किरोट संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक प्रकार का शिरोभूषण । मुकुट । विशेष—यह माथें में बाँधा जाता था और इसका व्यवहार प्राचीन राजा पगड़ी के स्थान पर करते थे । इसके ऊपर मुकुट भी कभी कभी पहनते थे । यौ॰—किरोटधारी = राजा । किरीटमाली = अर्जुन ।

२. एक वर्णवृत्त वा सवैया जिसमें ८ भगण होते हैं । जैसे,—भा बसुधा—तल पाप महा तब धाय धरा दइ देव सभा जहँ । आरत नाद पुकार करी सुनि बाणि भी नभ धीर धरो तहँ । लै नर देह हतौं खल पुंजन थापहुँ गो नय पाथ मही महँ । यों कहि चारि भुजा हरि माथ किरीट धरे जनमें प्रहमी महँ ।