किलंगी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]किलंगी संज्ञा स्त्री॰ [फा॰ कलँगी] कलंगी । उ॰—कंठौ माला कड़ा किलंगी सतगुर अरपण लाऊँ । दिखण दिशारी मंगाय फाँवरिया अपने हाथ ओढ़ाऊँ ।—राम॰, धर्म॰, पृ॰१ ।
किलंगी संज्ञा स्त्री॰ [फा॰ कलँगी] कलंगी । उ॰—कंठौ माला कड़ा किलंगी सतगुर अरपण लाऊँ । दिखण दिशारी मंगाय फाँवरिया अपने हाथ ओढ़ाऊँ ।—राम॰, धर्म॰, पृ॰१ ।