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किलकिंचित

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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किलकिंचित संज्ञा पु॰ [सं॰ किलकिञ्चत्] संयोग श्रृंगार के ११ हावों में से एक, जिसमें नायिका एक ही साथ कई एक भावों को प्रगट करती है । जैसे,—(क) सी करति ओठन बसी- करति आँखिन रिसौंही सी हँसी करति भौंहनि हँसी करति ।—देव (शब्द॰) । (ख) कहति, नटाति, खिझति, मिलति, खिलति—लजि जात । भरे भौन में करत हैं नेनन ही सो बात ।—बिहारी (शब्द॰) ।