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किलकिला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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किलकिला ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] हर्षध्वनि । आनंदसूचक । शब्द । किलकारी । उ॰— लाँघि सिधु एहि पारहिं आवा । शब्द किलकिला कपिन सुनावा ।—तुलसी(शब्द) ।

किलकिला ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कूकल] मछली खानेवाली एक छोटी चिड़िया । उ॰— मेरे कान सुजान तुव नैन किलकिला आइ । हृदय सिंधु ते मीन मन, तुरत पकरि लै जाइ । —रसानिधि (शब्द॰) । विशेष—जिस पानी में मछलियाँ होती है, उस पानी के ऊपर लगभग १० हाथ की ऊचाई पर उड़ती रहती है । मछली को देखकर अचानक उसपर टूटती है और उसे पकड़कर उड़ जाती है ।

किलकिला ^३ संज्ञा पुं॰ [अनुध्व॰] समुद्र का वह भाग जहाँ की लहरैं भयंकर शब्द करती हों । उ॰— पुनि किलकिला समुद्र मँह आई । गा धीरज देखत डर खाई ।—जायसी (शब्द॰) ।

किलकिला ^४ वि॰ घूँघरवाला । कुंचित । ऊ॰—बरस बावीस कौ बाली, बेस दंत कवाड़या, सिर किलकिला केस— बी॰ रासी पृ॰, ।