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कीरति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कीरति पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कीर्ति]

१. दे॰ 'कीर्ति' ।

२. । उ॰— कुंवरि मनोहरि विजय बड़ि, कीरति अति कमनीय । पावनहार बिरंजि जनु रचेउ न धनु दमनीय ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. राधिका की माता 'कौर्ति' । यौ॰—कीरतिकुमारी = राधा । उ॰—पीतपट नंद जसुमति नवनीत दियौ कीरतिकुमारी सुखारी दई बाँसुरी ।—रत्नाकर, भा॰२, पृ॰ । कीरतिनंदिनी = राधा । उ॰—रसिक रासि को रूप, तूही कीरतिनंदिनी । रसिया ब्रज को भूप, करि किनी सुख चौ चंदिनी ।—ब्रज॰ ग्रं॰, पृ॰ २ ।