कुंड़पायी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुंड़पायी संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुण्ड़पायिन्]
१. सोमयाग करनेवाला वह यजमान जिसने १६ ऋत्विजों से सोमसत्र कराके कुंड़ाकर चमसे से सोमपान किया हो ।
२. याज्ञिकों का एक संप्रदाय जिनके पूर्वक कुंडपायी थे या जिनके कुल में सोमयाग में कुंड़ा कार चमसे सोमपान होता था । विशेष— ऐसे लोगों के अयनयागादि औरों से कुछ विलक्षण हुआ करते थे । आश्वलायन श्रौतसूत्र में इनके अयनयाग का पृथक् विधान मिलता है ।