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कुंभकला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कुंभकला संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुम्भकला] घड़ों का खेल जिसमें नट लोग सिर पर घडे़ रखकर बाँस पर चढते हैं । उ॰—जैसे सीप समुद्र में चित देत अकासा । कुंभकला ह्वै खेलही, तस साहेब दासा ।—कबीर श॰, भा॰ ३, पृ॰ १४ ।