कुकरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुकरी ^१पु † संज्ञा स्त्री॰ [ सं॰ कुक्कुट, कुक्कुटी, पुं॰ ही॰ कुकडी (कबीर), कुकड़ा (खुसरो) ] मुरगी । बनमुरगी । उ॰— हारिल चरज आइ बँद परे । बनकुकरी, जलकुकरी घरे । — जायसी (शब्द॰) ।
२. कच्चे सूत का लपेटा हुआ लच्छा । अंटी । कुकड़ी । मुड्ढा । उ॰— छह मास तागा बरस दिन कुकरी । लोग बोलो भल कातल बपुरी ।—कबीर (शब्द॰) ।
कुकरी ^२ † संज्ञा स्त्री॰ [देश॰ ]
१. पीड़ा । दर्द ।
२. वह झिल्ली या सल जो घाव पर पड़ जाती है । पर्दा । झिल्ली ।
३. खुखड़ी ।