कुकुही
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुकुही ^१पु † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कुक्कुभ, प्रा॰ कुक्कुह] बनमुर्गी । उ॰— मानुस तैं बड़ पापीया, अक्षर गुरुही न मान । बार यार बन कुकही गर्भ धरे चौखान ।— कबीर (शब्द॰) ।
कुकुही ^२ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] बाजरे की फसल का एक रोग जिसमें बाल पर काली बुंड़की सी जम जाती है और दाने नहीं पड़ते ।