कुचला
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुचला संज्ञा पुं॰ [सं॰ कच्चीर]
१. एक प्रकार का वृक्ष जो सारे भारतवर्ष में, पर बगाल और मदरास में अधिकता से होता हा । विशेष—इसकी पत्तियाँ पान के आकरा की चमकीले हरे रंग की होती है और फूल लंबे पतले और सफेद होते हैं । फूल झड़ जाने पर इसमें नारंगी के समान लाल और पीले फल लगते हैं, जिनके भीतर पील रंग का गुदा और बीज होता है । कच्चा फल मलावरोधक, वातवर्धक और ठंढ़ा होता है और पक्का फल भारी तथा कफ, बात, प्रमेह और रक्त के विकार को दुर करता है । इसका स्वाद कुछ मिठास लिए हुए कडुवा और कसैला होता होता है । इस वृक्ष की छाल और इसके बीज का उपयोग औषध में होता है । इसके लकड़ी में धुन नहीं लगता और वह बहुत मजबुत और चिमड़ी होती है औऱ गाड़ियाँ, हल, तख्ते आदि बनाने के काम में आती है ।
३. इस वृक्ष का बीज जो बहुत जहरीला होता है । कुँचला ।