कुचाग्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुचाग्र संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुच+ अग्र पु॰, हिं॰ कुचा अग्र (क्व॰)] युवती के कच या उरोज का अगला भाग । कुचमुख । उ॰— (क) उनके हृदयों कौ कलित कठोर कुचाग्र अंकुश से छेदती । प्रेमघन॰, भा॰२, पृ॰ १५ । (ख) कालिंदी न्हावहिं न नयन अंजौ न भ्रगंगद । कुचाअग्र परसें न नील दल कवल तौरि सद ।—पृ॰ रा॰, २ ।३४९ ।