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कुजर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कुजर ^२ वि॰ श्रेष्ठ । उत्तम । जैसे, पुरुषकुंजर, कपिकुंजर । विशेष— इस अर्थ में यह शब्द समस्त पदों के अंत में आता है । अमर कोशकार ने इस प्रसंग में व्याघ्र, पुंगव, ऋषम, कुंदर । सिंह शार्दल और नाग आदि शब्दों को भी श्रेष्ठ अर्थ में प्रयोग सूचित किया है ।