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कुटिला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कुटिला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. सरस्वती नदी ।

२. एक प्राचीन लिपि, जिसका प्रचार भारतवर्ष में आठवीं शताब्दी से ग्यारहवी शताब्दी तक था । विशेष—भारतीय प्राचीन लिपिमाला (पृ॰ ४२) के विवरण के अनुसार इसके अक्षरों तथा विशेषकर स्वरों की मात्राओं की कुटिल आकृतियों के कारण इसका नाम कुटिल रखा गया । यह गुप्त लिपि से निकली और इसका प्रचार ई॰ स॰ की छठी शताब्दी से नवीं तक रहा और इसी से नागरी और शारदा लिपियाँ निकलीं ।

३. असबरग नामक गंधद्रव्य, जिसका उपयोग औषधों में भी होता है ।

४. चैतन्य सप्रदाय के अनुसार राधिका की ननद और आयानघोष की बहन ।