सामग्री पर जाएँ

कुटीचक

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कुटीचक संज्ञा पुं॰ [सं॰] चार प्रकार के संन्यासियों में से पहला । विशेष—इस कोटि का संन्यासी शिखासुत्र का त्याग नहीं करना । यह तीन दंड और कमंडलु रखना, कषाय पहनता और त्रिकाल संख्या करता है । यह अपने कुटुंब और बंधुओं के अतिरिक्त दूसरे के घर की भिक्षा नहीं लेता । मरने पर इसका दाहकर्म किया जाता है ।