कुण्ठा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुंठा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰कुण्ठ + आ ]
१. खीझा । चिढ़ ।
२. निराशा ।
३. मंन की गाँठ । मानसिक ग्रंथि । उ॰— ओतिक्त मधुर कुंटा निष्टुर पावक मरंद रज के युग मन ।— अतिमा, पृ॰ ११८ । यौ॰— कुठजात = निराशा, खीझ या मन की अतृप्त इच्छाओं से बना हुआ । उ॰—.... ने तो आज के समूचे सहित्य को कुंठाजात मान है ।— हि॰ आं॰ प्र॰, पृ॰ ३ ।