कुदान
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुदान ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कु + दान]
१. बुरा दान (लेनेवाले के लिये) । विशेष—शय्यादान, गजदान आदि लेनेवाले के लिये बुरे समझे जाते हैं ।
२. कुपात्र या अयोग्य आदि को दान ।
कुदान ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ √कूद + आन (प्रत्य॰)]
१. कूदने की क्रिया । कूदने का भाव ।
२. बहुत पहँचकर कहना । दूर की कौड़ी लाना ।
३. उतनी दूरी जितनी एक बार कूदने में पार की जाय । जैसे—वह पाँच पाँच गज की कुदान मारता है । क्रि॰ प्र॰—मारना ।
४. कूदने का स्थान । जैसे—लोरिक की कुदान ।