कुबडा़
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुबडा़ ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुब्ज + हिं॰ डा़ (प्रत्य॰) ] [स्त्री॰ कुबडी़] वह पुरुष जिसकी पीठ टेढी हो गई हो या झुक गई हो । उ॰— सबसे अधिक किरात डरे जो थे भी ठीक गँवार । कुबडे़ नीचे नीचे चल के डर से हो गए पार । — रत्नावली (शब्द॰) ।
कुबडा़ ^२ वि॰ [ वि॰ स्त्री॰ कुबडा़ ] झुका हुआ । टेढा़ । उ॰— तन सूखा कुबडी़ पीठ हुई घोडे़ पर जिन धरो बाबा । — नजिर । (शब्द॰) ।