कुबरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुबरी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ कुबडा़ ]
१. कंस कि एक दासी जिसकी पीठ टेढी़ थी । यह कृष्णचंद्र पर अधिक प्रेम रखती थी । कुब्जा । उ॰— योग कथा पठई व्रज को सब सो सठ चेरी की चाल चलाकी । ऊधो जू क्यों न कहै कुबरी जो बरी नटनागर हेरि हलाकी ।— तुलसी(शब्द॰) ।
२. वह छडी़ जिसका सिरा झुका हो । टेढ़िया ।
३. एक प्रकार की मछली जो भारत चिन और लंका में प्ई जाती है ।