कुबलय
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुबलय पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुवलय] कुमुद । कमल । उ॰ — क्यों न फिरे सब जगत मैं करत दिगविजय मार । जाके दुगसामंत है कुवलय जितनहार ।— मति॰ ग्रं॰, पृ॰ ३९६ ।
कुबलय पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कुवलय] कुमुद । कमल । उ॰ — क्यों न फिरे सब जगत मैं करत दिगविजय मार । जाके दुगसामंत है कुवलय जितनहार ।— मति॰ ग्रं॰, पृ॰ ३९६ ।