कुलह
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुलह संज्ञा स्त्री॰ [फा॰ कुलाह]
१. टोपी । उ॰—पीत कुलह राजै, चूनरी सुपीत साजै, लहंगा पीत, कंचुकी पीत सौहै तन गोरै ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३७७ ।
२. शिकारी ।
३. चिड़ियों की आँखों पर का ढक्कन । टोपी । अँधियारी । उ॰—बात दृढ़ाइ कुमति हँसि बोली । कुमति कुबिहँग कुलह जनु खोली ।— तुलसी (शब्द॰) ।