कुलाँच
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुलाँच संज्ञा स्त्री॰ [तु॰ कुलाच]
१. दोनों हाथों के बीच की दूरी ।
२. चौकड़ी ।
३. छलांग । उछाल । (क) लेन कुलाँच लखो तुम अबहीं । धरत पाँव धरती जब तबहीं ।—लक्ष्मण- सिंह (शब्द॰) । (ख) दस योजन कर बीच तहँ, पहुँचे एक कुलाँच । सिंहासन तें अवनि पर पटक्यो मारि तमाँच ।— विश्राम (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—करना । —भरना ।—मारना ।—लेना ।