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कुसूत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कुसूत संज्ञा पुं॰ [सं॰ कु + सुत्र, प्रा॰, सुत्त, हि, सूत]

१. बुरा सूत । उ॰— कहति कबीर करम सों जोरी । सूत कुसूत बिनै भल कोरी ।—कबीर (शब्द॰) ।

२. कुप्रबंध । कुब्योंत । उ॰— रोग भयो भूत सो, कुसूम भयो तुलसी को भूतनाथ पाहि पद पंकज गहतु हौ । —तुलसी ग्रं॰ पृ॰, २४० ।