कुहनी्उड़ान
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कुहनी्उड़ान संज्ञा स्त्री॰ [हि॰ कुहनी+उड़ान] कुश्ती का एक पेच जिसमें फुरती से कुहनी के झटके से प्रतिद्बद्बी के हाथों को पकड़कर रद्दा दिया जाता है । यह पेच ऐसी अवस्था में काम में लाया जाता है, जब प्रतिद्बंद्वी के दोनों हाथ अपनी गर्दन पर होते हैं । यो॰— कुहनीउड़ान की टाँग = कुश्ती का एक पेच । जब विपक्षी अपने दोनों हाथ खेलाड़ी के कंधे पर रखे, तो खेलाड़ी उसका एक हाथ पकड़कर और दूसरा हाथ कुहनी से उड़ाकर अपनी बगल में दबा उसी समय अपनी दाँग झोंके से उसके पैर में मारे कि वह गिर पड़े । तीड़— उड़ाया हुआ हाथ खेलाड़ी की जाँघ में अड़ा देना और पैर से पीछे की टाँग मारकर गिराना इस दाँव का तोड़ है । कुहनीउड़ान की ड़ूब=कुश्ती का एक पेच । जव विपक्षि अपने कंधे पर हाथ रखे तब उसकी दोनों कुहानियों को उड़ाकर झट उसके पेट में घुसे ओर जाँघ से पकड़ उसके दोनों पैरों को उड़ाता हुआ गिरावे ।