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कूटकर्म

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कूटकर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. छल । कपट । धोखा ।

२. कौटिल्य क े अनुसार जूआ खेलते समय बेईमानी करना या हाथ की चतुराई या सफाई से पासे उलटना ।