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कूटशाल्मालि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कूटशाल्मालि संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक प्रकार का शाल्मालि जो जंगलों में होता है । विशेष—इसक पत्ते जिगनी के समान और फूल गहरे लाल रंग के होते हैं । इसकी जड़ ओषध के काम में आती है । वैद्यक में इसे कड़ुआ, चरपरा, गरम औरकफ, प्लीहा, उदररोग और रूधिरविकार को दूर करनेवाला माना है ।

२. यमराज की गदा ।

३. पुराणानुसार नरक में शाल्प्रलि के आकार का लोहे का एक कँटोला वृक्ष ।