कूह
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कूह पु संज्ञा स्त्री॰ [कूक]
१. चिग्घाड़ । हाथी की चिक्कार ।
२. चीख । चिल्लाहट । उ॰— संभु सतावत है जग को हैं । कठोर महा सब को मग तूरत । कूह कै कै कर मारै कहीं लखि कुंभन वारन छारन पूरत ।—शभुनाथ (शब्द॰) ।