सामग्री पर जाएँ

कूह

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कूह पु संज्ञा स्त्री॰ [कूक]

१. चिग्घाड़ । हाथी की चिक्कार ।

२. चीख । चिल्लाहट । उ॰— संभु सतावत है जग को हैं । कठोर महा सब को मग तूरत । कूह कै कै कर मारै कहीं लखि कुंभन वारन छारन पूरत ।—शभुनाथ (शब्द॰) ।