कृपथ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कृपथ संज्ञा पुं॰ [सं॰ कृपथ] [वि॰ कृपंथी]
१. बुरा मार्ग ।
२. निषिद्ध आचरण । कुचाल । उ॰—रघुवंसिच कर सहज सुभाऊ । मन कुपंथ पग धरै न काऊ ।—तुलसी (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—पर चलना ।
३. बुरा मत । कृत्सित सिद्धांत । उ॰—चलत कुपंभ बेद मग छाँडे । कपट कलेवर कलिमल भाँडे ।—मानस, १ ।१२ ।