कृहक
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कृहक ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. माया । धोखा । जाल । फरेब ।
२. धूर्त । मवकार । वंचक ।
३. मेढ़क ।
३. मुर्ग की कूक ।५ नाग— विशेष ।
६. इंद्रजाल जाननेवाला । यौ॰— कुहककार = कपटी । छली । कुहकचकित = दाँव पेंच से ड़रा हुआ । संदेह करनेवाला । सजग । कुहकजीवी = इंद्रजाली मायावी । वंचक । कुहकस्वन, कुहकस्वर = मुर्गा । कुहकवृत्ति = दे॰ 'कुहकजीवी' ।